Vastu Yantra

Shukra Yantra Sri Shukra Puja Yantra for Home Protection and Positive Energy and Wealth Stick Able Glue Yantra for Stick On The Door Or Wall Or Home Temple

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शुक्र यंत्र का प्रयोग अधिकतर ज्योतिषी किसी जातक की कुंडली में अशुभ रूप से कार्य कर रहे शुक्र की अशुभता को कम करने के लिए अथवा शुक्र द्वारा किसी कुंडली में बनाए जाने वाले दोष के निवारण के लिए करते हैं

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  • Promotes a good understanding between the couple and enhances  conjugal satisfaction in relationships.
  • Enhances the financial flow and helps overcome debts quickly.
  • Fills the home with prosperity, comforts, luxuries, and all forms of riches in order to enjoy a happy and easy-going life
  • Fills the business places with positive vibrations and creates a harmonious relationship with the business partner.
  • Installed in places of arts, music, martial arts, dramatics, and others, this yantra can enhance the output and performance.
  • Cures the diseases related to eyes, stomach, sex, and skin thereby ensuring a trouble-free and happy life.
  •  Increases the charisma or attractive personality and makes a person emerge into popularity and fame so that he or she shines well in politics, society, and performing arts.
  • Spell Bounded And Energise With Holy Ganga Jal OF Haridwar.
 
Condition-New Shape-Standard
Style-spritual Plating-Gold Plated
Material-Brass Weight-100gr
Size-8x2inch Colour-Gold
Origin-India
 

शुक्र यंत्र का प्रयोग अधिकतर ज्योतिषी किसी जातक की कुंडली में अशुभ रूप से कार्य कर रहे शुक्र की अशुभता को कम करने के लिए अथवा शुक्र द्वारा किसी कुंडली में बनाए जाने वाले दोष के निवारण के लिए करते हैं। इसके अतिरिक्त शुक्र यंत्र का प्रयोग किसी कुंडली में शुभ अथवा सकारात्मक रूप से कार्य कर रहे शुक्र को अतिरिक्त बल प्रदान करने के लिए भी किया जाता है जिससे कुंडली में शुभ शुक्र की शक्ति बढ़ने से जातक को अतिरिक्त लाभ प्राप्त होते हैं हालांकि किसी कुंडली में शुभ रूप से कार्य कर रहे शुक्र को अतिरिक्त बल प्रदान करके इससे लाभ प्राप्त करने के लिए शुक्र के रत्न श्वेत पुखराज को धारण करना शुक्र यंत्र के प्रयोग की तुलना में अच्छा उपाय है किन्तु श्वेत पुखराज का प्रयोग केवल शुक्र के कुंडली में शुभ होने की स्थिति में ही किया जाना चाहिए तथा शुक्र के कुंडली में अशुभ होने की स्थिति में जातक को श्वेत पुखराज नहीं धारण करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से कुंडली में अशुभ रूप से काम कर रहे शुक्र को अतिरिक्त बल प्राप्त हो जाएगा जिसके चलते ऐसा शुक्र जातक को और भी अधिक हानि पहुंचा सकता है। इस लिए किसी कुंडली में शुक्र के नकारात्मक अथवा अशुभ होने पर शुक्र का रत्न धारण नहीं करना चाहिए अपितु इस स्थिति में शुक्र के यंत्र का प्रयोग एक अच्छा उपाय है।

           किसी कुंडली में शुक्र के अशुभ फलों को कम करने के अतिरिक्त शुक्र यंत्र जातक को शुक्र की सामान्य तथा विशिष्ट विशेषताओं से संबंधित शुभ फल भी प्रदान कर सकता है। शुक्र की सामान्य विशेषताओं के बारे में चर्चा करें तो शुक्र यंत्र का प्रयोग किसी जातक को अनेक प्रकार कीं सुख सुविधाएं तथा ऐश्वर्य प्राप्त करने में सहायता कर सकता है। शुक्र यंत्र के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक को नए वस्त्रों, वाहनों, इत्र इत्यादि, सुंदर स्त्री अथवा स्त्रियों की संगति, मनोरंजन करने के अनेकानेक साधनों तथा अन्य कई प्रकार के शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। शुक्र यंत्र का शुभ प्रभाव जातक को एक सुखी तथा संपन्न जीवन जीने में सहायता करता है तथा इस यंत्र के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक के लिए सुखी जीवन जीने के लिए उपयोग होने वाले साधन इस यंत्र के शुभ प्रभाव के कारण सुलभ होने शुरु हो जाते हैं। प्रेम संबंधों के क्षेत्र में शुक्र यंत्र का प्रयोग विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकता है क्योंकि प्रेम संबंध शुक्र की सामान्य विशेषताओं की परिधि में ही आते हैं जिसके चलते शुक्र यंत्र के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक में स्त्रियों को आकर्षित करने की क्षमता बढ़ सकती है तथा ऐसे जातक को सुंदर तथा आकर्षक प्रेमिका का साथ प्राप्त हो सकता है। शुक्र यंत्र का प्रभाव जातक को एक से अधिक सुंदर स्त्रियों का साथ भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के प्रभाव में आने वाला जातक आम तौर पर कई स्त्रियों के साथ प्रेम संबंध रख सकता है तथा ऐसे प्रेम संबंध मुख्य रूप से शारीरिक सुख की कामना से ही बनाए गये होते हैं। इसका कारण यह है कि शुक्र यंत्र का प्रभाव जातक के आभामंडल में से ऐसी उर्जा तरंगों को प्रसारित कर सकता है जिनके प्रभाव से शारीरिक सुख की कामना रखने वाली स्त्रियां जातक की ओर आकर्षित हो जातीं हैं। शुक्र यंत्र का प्रयोग उन स्त्रियों को भी लाभ प्रदान कर सकता है जिनके प्रजनन अंगों में कोई न कोई अनियमितता होने के कारण उनका मासिक रक्तस्राव ठीक प्रकार से अथवा ठीक समय पर नहीं हो पाता तथा जिसके कारण इन स्त्रियों को प्रजनन करने में कठिनाई आ सकती है। ऐसी स्थितियों में शुक्र यंत्र का प्रयोग विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है।

Place the Yantra facing the East or the North on a clean and sacred altar.
   •  Do not let other people touch the Yantra.
   •  Periodically wash the Yantra with rose water or milk. Then, rinse it with water and wipe it to dry. The Yantra’s color may change over a period of time; however this does not dilute the power of the Yantra.
   •  Place rounded dots of sandalwood paste on the 4 corners and in the center of the Yantra.
   •  Light a candle or ghee lamp and an incense stick in front of the Yantra. You can offer fresh or dry fruits as Prasad, as well.
   •  Chant the Mantra above in front of the Yantra, preferably after you have showered.

  • keep is away from the perfume and chemical.
  • Clean It With Soft And Smooth Cloths.

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